बहुत इंतज़ार किया
तुम्हारे इन संदेशों पर
हर दफ़ा एतबार किया,
कहाँ थे अबतक,
बहुत इंतजार किया …
यह नफ़रत नही, एक सूरत है,
तुम्हारी नाराजगी मेरी जरूरत है…
यह कविता रिश्तों की उस अनकही सुंदरता को बयां करती है, जहाँ नाराज़गी भी ज़रूरत बन जाती है। यह दर्शाती है कि कभी-कभी रूठना, शिकायत करना और खफ़ा होना भी रिश्ते को गहराई देता है। यह सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि भावनाओं को समझने और संजोने का एक अवसर होता है।
तुम्हारी नाराज़गी मेरी ज़रूरत है Read More »
Poetryयह कविता समय के प्रवाह और आत्म-परिचय की खोज को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है। बीते वर्षों की एक तस्वीर, आज की आत्मा से सवाल करती है — “तुम कौन हो?”। यह कविता अतीत और वर्तमान के बीच संवाद, उलझन और आत्ममंथन का गहन चित्रण करती है। पहचान की तलाश में हम कैसे खुद से ही दूर हो जाते हैं, यही इसकी मूल भावना है।
यह सन्नाटा, एक भ्रम है या सच्चाई. बहुत दिन हुआ कोई आवाज नही आयी. प्रेम संबंधों में लम्बी जुदाई आधारित कविता.
एक भ्रम है या सच्चाई Read More »
Poetryयह व्यक्ति विशेष पर आधारित सेवा निवृति कर्मचारी के विदाई समारोह व्यक्त की गयी कविता. सेवा निवृत कर्मचारी ज्यादा बात करने के लिए बदनाम है.
वे बातें बहुत करते हैं Read More »
Poetryयह अभिव्यक्ति गांवों की प्राकृतिक सुन्दरता को चित्रित कराती है. जब आप शहरी जीवन से उबकर गाँव में जायेंगे तो यही कहेंगे ” बेहतर लगी जिंदगी “