INSIDE ME

Inside Me

हर आदमी के अंदर एक और आदमी रहता है

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

तराजू

कुछ लोग ज़िंदगी को तराजू की तरह जीते हैं—जहाँ हर रिश्ता, हर भावना तौली जाती है. यह कविता जीवन के संतुलन और इंसानी सोच की सच्चाई को गहराई से दर्शाती है. कविता पढ़ें और खुद महसूस करें...

तराजू ...

Taraju
 
कुछ लोग,
बिलकुल तराजू की तरह होते है
उतना ही रखते है दाहिने पलड़े पर
जितना वजन होता है बाएं पलड़े पर
ठीक भी है,
संतुलन बना रहता है
न दोस्ती अंदर तक आती है
और न दुश्मनी बाहर तक जाती है.
बिना अपेक्षाओं, उम्मीदों के साथ
जिंदगी चलती रहती है,
तमन्नाओं की तस्वीरें दबी रहतीं है….
 
कुछ लोग,
थोड़ा दयालु होते है
दाएं पलड़े को थोड़ा झुका देते है
अपने ग्राहक को मना लेते है.
व्यापार के रास्ते एक रिश्ता बन जाता है
खुश रहने का कोई वजह बन जाता है
हम इन्ही लोगों के आस पास है
किसी के लिए आम है,
किसी के लिए खास है….
 

           ★★★

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