INSIDE ME

Inside Me

हर आदमी के अंदर एक और आदमी रहता है

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

Poetry

कुछ पुरुषों के अंदर

कुछ पुरुषों के अंदर

मुश्किल है चेहरे को समझना, किसी पहेली की तरह,
कुछ पुरुषों के अंदर, एक जानवर छुपा होता है, मगरमच्छ की तरह.
(यह कविता आदमी के अन्दर छुपे जानवर को दर्शाती है..)

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जन्मदिन

जन्मदिन

क्या होता है ये जन्मदिन ?
एक तारीख, जो यह बताता है कि हमारे जिंदगी के कितने पृष्ठ निकल चुके है और उन पृष्टों में कितने कोरे है, कितने गोरें है, कितने काले है…

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