INSIDE ME

Inside Me

हर आदमी के अंदर एक और आदमी रहता है

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

Poetry

ऐ दिन

ऐ दिन

ऐ दिन,
आज सुबह ही तो खिले थे तुम, एक बच्चे की तरह.
शाम ढलते देखा था तुझे, बुजुर्गों की तरह.
(हर दिन हमारे सम्पूर्ण जीवन का प्रतिविम्ब है )

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Poetry

मैं खुद को तुमसे जोड़ लूँगी

अगर बात नहीं कर सकते, तो कुछ शब्द छोड़ जाओ.
मैं खुद को तुमसे जोड़ लूँगी.
(एक बिछड़ते हुए प्रेमिका अपने प्रेमी से क्या कहती है इस भावुक कविता में पड़े.)

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Poetry
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