कुछ पुरुषों के अंदर
मुश्किल है चेहरे को समझना, किसी पहेली की तरह,
कुछ पुरुषों के अंदर, एक जानवर छुपा होता है, मगरमच्छ की तरह.
(यह कविता आदमी के अन्दर छुपे जानवर को दर्शाती है..)
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Poetryमुश्किल है चेहरे को समझना, किसी पहेली की तरह,
कुछ पुरुषों के अंदर, एक जानवर छुपा होता है, मगरमच्छ की तरह.
(यह कविता आदमी के अन्दर छुपे जानवर को दर्शाती है..)
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Poetryयह कविता सेवानिवृत हो रहे उन कर्मठ कर्मचारियों को समर्पित है जो अपनी जिन्दगी के बेहतरीन समय अपने संगठन को समर्पित किये और एक नयी ऊँचाई दिया.
ये आवाज़,
बहुत दूर तक गयी होती ,
गर उस ओर जाने वाली सड़क,
किसी हादसे में न टूटी होती …
ये आवाज़ बहुत दूर तक गयी होती Read More »
Poetryव्यक्ति की कुछ चाहतें जो वास्तविक जीवन में पूरी नहीं होती वह उसके अवचेतन मन में हमेशा घूमती रहती है.