कविता क्या होती है ?
जब जिन्दगी,
किसी सीधी सड़क से उतर कर
पगडंडी की ओर मुड़ जाती है,
लक्ष्य पाने की तमन्ना
जब टुकड़ों में बट जाती है,
( कविता यही से निकलती है.)
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Poetryजब जिन्दगी,
किसी सीधी सड़क से उतर कर
पगडंडी की ओर मुड़ जाती है,
लक्ष्य पाने की तमन्ना
जब टुकड़ों में बट जाती है,
( कविता यही से निकलती है.)
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Poetryकभी-कभी पूरी ज़िंदगी एक ही दिन में गुजर जाती है. न जाने कितनी बातें, कितनी भावनाएँ, और कितनी उम्मीदें उस एक दिन में सिमट जाती हैं. यह कविता उसी लम्हे की बात करती है — जब समय थम जाता है, जब हर पल एक उम्र बन जाता है.
यह कविता उन अनकहे अहसासों को छूती है, जो हम रोज़ जीते हैं लेकिन कभी व्यक्त नहीं कर पाते.
यह एक ऐसा दिन है जो शायद सबसे ज़्यादा मायने रखता है.
आइए, इस कविता के माध्यम से उस एक दिन की जिंदगी को महसूस करें —
जिसने हमारी सोच को बदल दिया, और शायद हमें भी.
सन्नाटों ने कहा है जो कुछ,
दीवारों ने सुना है जो कुछ,
उन बातों पर इकरार करेगें,
सोचा था आज बात करेंगे…
सोचा था आज बात करेगे Read More »
Poetryआजकल के कुछ सुविधा संपन्न बच्चों के जीवन शैली पर आधारित और चिंतनीय प्रश्नों को उठाती कवितामय प्रस्तुति.
क्या यही जिन्दगी है ? Read More »
Poetryआज रात,
बर्षों बाद देखा था
उस चाँद को,
जिससे रिश्ता है
बचपन की यादों का,
अनोखा अनुभव है
साथ गुजरे रातों का..
(बचपन की यादों पर आधारित एक बेहद भावपूर्ण कविता)