अधूरापन
अधूूरापन, सक्रियता को जीवित रखता है.
जीवन को संयमित रखता है. महान गीतकार, संगीतकार, गायक श्री रविन्द्र जैन जी इसके उदहारण हैं.
जब दो दिलों के बीच भावनाएं एक सीमा से निकलती है तो बातों का सिलसिला शुरू होता है. कविता “आओ बात करें ” उसी का चित्रण है.
दो व्यक्तियों के बीच एक प्राकृतिक रिश्ता बन जाता है किन्तु समाज इसकी स्वीकृति नहीं देता. प्रेमी रिश्तों की बंदिश से निकालने के लिए जीवन भर फडफडाते रहते है.
तुम एक ग्रंथ हो, जहां से कहानियां बहुत निकलतीं हैं,
मैं उन कहानियों में उलझ जाता हूँ, तुम्हारे घर का रास्ता भूल जाता हूँ …
बंद आँखों और बेतरतीब बदन देखकर,
वह समझता है
मैं सो रही हूँ.
वह समझता है, मैं सो रही हूँ … Read More »
Poetry