INSIDE ME

Inside Me

हर आदमी के अंदर एक और आदमी रहता है

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

कविताओं का सम्बन्ध हमारी संवेदनाओं से है...

मन की गहराइयों से निकली ये हिंदी कविताएँ सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं की सच्ची अभिव्यक्ति हैं। यहाँ आपको प्रेम, विरह, प्रेरणा और जीवन के अनुभवों से जुड़ी ऐसी भावनात्मक कविताएँ मिलेंगी, जो आपके दिल की गहराइयों को स्पर्श करेंगी.

यहाँ प्रस्तुत हर कविता एक कहानी बयाँ करती है — कभी मेरी, कभी आपकी, तो कभी किसी अनजाने मन की.  इन कविताओं में अभिव्यक्ति की उड़ान कविता के परंपरागत बंधनों से भी परे है, क्योंकि भावनाओं के प्रवाह पर कोई सीमा नहीं होनी चाहिए.

InsideMe पर हम आपके लिए चुनिंदा और मौलिक हिंदी कविता संग्रह लेकर आते हैं, जो न केवल पढ़ने योग्य हैं, बल्कि आत्मा से महसूस किए जाने योग्य भी हैं.

प्रस्तुत हैं कुछ ऐसी विशिष्ट कविताएँ, जो जीवन की विविध भावनाओं को शब्दों में पिरोती हैं…

वह समझता है

वह समझता है, मैं सो रही हूँ …

बंद आँखों और बेतरतीब बदन देखकर, वह समझता है मैं सो रही  हूँ ...
आज शनिवार है

आज शनिवार है

रविवार आने की उत्सुकता सबको रहती है. इस दिन समान्यतः मौज मस्ती और किसी से मिलने का वादा होता है. लेकिन रुकिए. आज शनिवार है एक दिन और इंतज़ार कीजिये ...
तुम चोर हो, चोरी करते हो

तुम चोर हो, चोरी करते हो

आँखें खुली होतीं है तो सामने होते हो, जब बंद होती हैं तो पलकों के अन्दर होते हो, जब अकेली होती हूँ तो शरारत करते हो. तुम चोर हो, चोरी करते हो ...
बहुत इंतज़ार किया

बहुत इंतज़ार किया

तुम्हारे इन संदेशों पर हर दफ़ा एतबार किया,
कहाँ थे अबतक, बहुत इंतजार किया ...
एक भ्रम है या सच्चाई

एक भ्रम है या सच्चाई

यह सन्नाटा, एक भ्रम है या सच्चाई. बहुत दिन हुआ कोई आवाज नही आयी. प्रेम संबंधों में लम्बी जुदाई आधारित कविता ...
वे बातें बहुत करते हैं

वे बातें बहुत करते हैं

यह व्यक्ति विशेष पर आधारित सेवा निवृति कर्मचारी के विदाई समारोह व्यक्त की गयी कविता. सेवा निवृत कर्मचारी ज्यादा बात करने के लिए बदनाम है ...
चलो, तकरार करते है

चलो, तकरार करते हैं

सुना-सुना सा लगता है, कुछ सुने बिना, एक दूसरे के चाहत को नजरअंदाज करते हैं, चलो तकरार करते हैं . प्रेम में तकरार जरुरी है ...
कुछ वज़ह चाहिए

कुछ वज़ह चाहिए

सुबह का खूबसूरत सूरज, रात में किन रास्तों से गुजरता है, उस सफ़र का एक झलक भी चाहिए, आप से बात करने के लिए, जिरह नही, कुछ वज़ह चाहिए ...
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