कविताओं का सम्बन्ध हमारी संवेदनाओं से है...
आर.पी. यादव
मन की गहराइयों से निकली ये हिंदी कविताएँ सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं की सच्ची अभिव्यक्ति हैं। यहाँ आपको प्रेम, विरह, प्रेरणा और जीवन के अनुभवों से जुड़ी ऐसी भावनात्मक कविताएँ मिलेंगी, जो आपके दिल की गहराइयों को स्पर्श करेंगी.
यहाँ प्रस्तुत हर कविता एक कहानी बयाँ करती है — कभी मेरी, कभी आपकी, तो कभी किसी अनजाने मन की. इन कविताओं में अभिव्यक्ति की उड़ान कविता के परंपरागत बंधनों से भी परे है, क्योंकि भावनाओं के प्रवाह पर कोई सीमा नहीं होनी चाहिए.
InsideMe पर हम आपके लिए चुनिंदा और मौलिक हिंदी कविता संग्रह लेकर आते हैं, जो न केवल पढ़ने योग्य हैं, बल्कि आत्मा से महसूस किए जाने योग्य भी हैं.
प्रस्तुत हैं कुछ ऐसी विशिष्ट कविताएँ, जो जीवन की विविध भावनाओं को शब्दों में पिरोती हैं…
कल के लिए परेशान हूं
मै आज के लिए नहीं, कल के लिए परेशान हू. वो कल, जब बुढापा बन कर आएगा, मुझे मेरी जवानी का एक तस्वीर दिखयेगा ...
कुछ सामान छोड़ जाओ
कुछ सामान छोड़ जाओ, मैं जी लूंगी उसके आस पास रिश्तों को सांसों की जरूरत होती है, वो सांसें उन सामानों से मिलती रहेगी ...
मेरा फ़िसल जाना
मेरा फ़िसल जाना, उस बारिश का करतूत था. हवा का रूख, जमी की ढलान और भीगी सड़कें, सब एक साथ थे. बरसात पर एक रोमांचक कविता ...
ऐ दिन
ऐ दिन,
आज सुबह ही तो खिले थे तुम, एक बच्चे की तरह.
शाम ढलते देखा था तुझे, बुजुर्गों की तरह.
(हर दिन हमारे सम्पूर्ण जीवन का प्रतिविम्ब है ) ...
आज सुबह ही तो खिले थे तुम, एक बच्चे की तरह.
शाम ढलते देखा था तुझे, बुजुर्गों की तरह.
(हर दिन हमारे सम्पूर्ण जीवन का प्रतिविम्ब है ) ...
मैं खुद को तुमसे जोड़ लूँगी
अगर बात नहीं कर सकते, तो कुछ शब्द छोड़ जाओ.
मैं खुद को तुमसे जोड़ लूँगी.
(एक बिछड़ते हुए प्रेमिका अपने प्रेमी से क्या कहती है इस भावुक कविता में पड़े.) ...
मैं खुद को तुमसे जोड़ लूँगी.
(एक बिछड़ते हुए प्रेमिका अपने प्रेमी से क्या कहती है इस भावुक कविता में पड़े.) ...
नज़रिया
हर घटना को देखने और महसूस करने का अपना अपना नज़रिया होता है. इसी भाव को कविता के रूप में दिखाया गया है. एक संदेशात्मक लघु कविता ...
तेरा अक्स नजर आता है
इन अक्षरों में तेरा अक्स नज़र आता है, दूर ही सही हर लम्हा मेरे करीब नज़र आता है.
(कुछ मित्र ऐसे होते है जो दूर रहकर भी मित्रता की परिभाषा को साबित कर देते ...
(कुछ मित्र ऐसे होते है जो दूर रहकर भी मित्रता की परिभाषा को साबित कर देते ...
वजह क्या है ?
व्यक्ति के भविष्य का बदलाव उसके वर्तमान दिन के बदलाव पर निर्भर करता है. यह जानते हुए भी हम अपनी वर्तमान को बदल नहीं पाते है. इसका वजह क्या है ? ...







